“ Tor Mor Jhagara Sabar Din ke” Chhattisgarhi Panthi Album Song Lyrics from Suva Geet Album “ Tor Mor Jhagara Sabar Din ke” This song is sung by Dukalu Yadav Chhattisgarhi Album “ Tor Mor Jhagara Sabar Din ke” Released on Jan 29, 2017
Lyrics
तोर मोर झगरा सबर दिन के ओ
ये परोसिन ये परोसिन
आना रंग ले रंगाले अउ मन ला मिला ले ओ
जिनगी जिये बर हे चार दिन
ये तोर मोर झगरा सबर दिन के ओ
ये परोसिन ये परोसिन
आना रंग ले रंगाले अउ मन ला मिलाले ओ
जिनगी जिये बर हे चार दिन
अंतरा 1
सुन ओ सुन मोर परोसिन हांसी ठिठोली कर ले थोकिन
मुच मुचाले मटमटहिन मन मोर लागे नही तोर बिन
आना हास ले हंसाले अउ मया ला बढ़ा ले ओ
जिनगी जिये बर हे चार दिन
अंतरा 2
एक तिर घर दुआर अंगना पिरित के बांध ले ओ बंधना
तोर मोर होथे मंगनी मंगना जुर मिल दुनो ला हे रहना
आना बईठ ले बईठाले अउ चिट कुन गोठिया ले ओ
जिनगी जिये बर हे चार दिन
अंतरा 3
मै कुंआरा तै कुंआरी तोर मोर पटे नही तारी
फागुन तिहार झन दे गारी तोर बर भरेव पिचकारी
आना नाच ले नचा ले अउ मोर संग मा गा ले ओ
जिनगी जिये बर हे चार दिन
तोर मोर झगरा सबर दिन के ओ ये परोसिन ये परोसिन
आना रंग ले रंगाले अउ मन ला मिलाले ओ
जिनगी जिये बर हे चार दिन
Lyrics | Chhattisgarhi Album Song
| Singers | Dukalu Yadav |
| Album | Tor Mor Jhagara Sabar Din ke |
