“Tari Hari Na Na Ho ” Chhattisgarhi Panthi Album Song Lyrics from Suva Geet Album “Tari Hari Na Na Ho ” This song is sung by Kavita Wasnik Chhattisgarhi Album “Tari Hari Na Na Ho ” Released on Oct 12, 2016
lyrics
स्थायी
तरी नरी नाना हो
हरी नाना सुवा रे मोर
तरी हरी नाना हो
सुग्घर खुले तोला चुक ले खुले
सुग्घर खुले तोला चुक ले खुले
ऐ सुवा पाखी लुगरी अऊ
लाली पियर फूंदरी आँखी म झूले
तरी नरी नाना हो
हरी नाना सुवा रे मोर
तरी हरी नाना हो
अंतरा 1
तोर आगे लेवईया वो
दीदी डोला म चढ़ के चले जाबे
चली जाबे तैं बहिनी वो
फेर ये तो बता दे कब आबे
ऐ कमर करधनियां
पावें म पैजनियां छुम छुम बाजे
ऐ भाटो मुसकावै अऊ
दीदी लजावै वो सुवा नाचै
तरी नरी नाना हो
हरी नाना सुवा रे मोर
तरी हरी नाना हो
अंतरा 2
भैया सोरियाही वो
बहिनी तीजा तिहारे म चली आहूं
चली आहूं बहिनी वो
फरहारी बिहनिया लहूट जाहूं
ऐ पुन्नी नहाही तुहर सुरता आही
खचित आहूं
कोष्टउहां साड़ी चघे बईला गाड़ी
मड़ई जाहूं
तरी नरी नाना हो
हरी नाना सुवा रे मोर
तरी हरी नाना हो
अंतरा 3
गौ सही तिरिया वो
सुवना बांधे धंधाये रही जाथे
रही जाथे बहिनी वो
हांसी खुशी म सरि दुख सही जाथे
ऐ तिरिया के जात ससुरे म सुहाथे
विधि के बंधना
ऐ जिनगी पहाथे संग जिवरा जुड़ाथे
मईके के अंगना
तरी नरी नाना हो
हरी नाना सुवा रे मोर
तरी हरी नाना हो
सुग्घर खुले तोला चुक ले खुले
सुग्घर खुले तोला चुक ले खुले
ऐ सुवा पाखी लुगरी अऊ
लाली पियर फूंदरी आँखी म झूले
तरी नरी नाना हो
री नाना सुवा रे मोर
तरी हरी नाना ह
Lyrics | Chhattisgarhi Album Song
| Singers | kavita vashnik |
| Album | Tari Hari Na Na Ho(suva geet) |
