Sumiran Bina Guru Keg

“Sumiran Bina Guru Ke” Chhattisgarhi Panthi Album Song Lyrics from panthi Geet Album “Sumiran Bina Guru Ke” This song is sung by Dwarka Burman Chhattisgarhi Album “Sumiran Bina Guru Ke” Released on Dec 12, 2021

Lyrics

नमो अनादि अंत दीन हीन हितकारणम
नमो पतित निचनिचकालते उबारणम्
नमो अखंड अंड मंड हंड भंड पालनम्
नमो अनेकनेक भेष शेख ते संचालनम्
नमो अजर अमर अचर सचर के रूपधारणम्
नमो अकाम काम आम विश्व के सुचालनम्
बोलिए बाबा गुरूघासी दास की जय

स्थायी
सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
कोई ना उतरे पार भवसागर ले
कोई ना उतरे पार
कोई ना उतरे पार भवसागर ले
कोई ना उतरे पार
ये दे सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार

अंतरा 1
तन बिसरौ मन के शुद्धि ना देही
हां शुद्धि न देही मन के शुद्धि न देही
तन बिसरौ मन के शुद्धि ना देही
हां शुद्धि न देही मन के शुद्धि न देही
सत्यनाम से करौ उपचार हो
सत्यनाम से करौ उपचार
सत्यनाम से करौ उपचार हो
सत्यनाम से करौ उपचार
ये दे सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार

अंतरा 2
अवगुण तजो भक्ति पग धारो
भक्ति पग धारो भक्ति पग धारो
अवगुण तजो भक्ति पग धारो
भक्ति पग धारो भक्ति पग धारो
तब होगा तेरा उद्धार हो
तब होगा तेरा उद्धार
तब होगा तेरा उद्धार हो
तब होगा तेरा उद्धार
ये दे सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पा

अंतरा 3
जाओ गुरू के शरण गहो अब
शरण गहो अब शरण गहो अब
जाओ गुरू के शरण गहो अब
शरण गहो अब शरण गहो अब
तब होगा तेरा बेड़ा पार हो
तब होगा तेरा बेड़ा पार
तब होगा तेरा बेड़ा पार हो
तब होगा तेरा बेड़ा पार
ये दे सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
कोई ना उतरे पार भवसागर ले
कोई ना उतरे पार
कोई ना उतरे पार भवसागर ले
कोई ना उतरे पार
ये दे सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
सुमिरन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार
ये भजन बिना गुरू के कोई ना उतरे पार

Lyrics | Chhattisgarhi Album Song

SingersDwarka Burman
AlbumSumiran Bina Guru Ke