“ Kukra Basat Aage ” Chhattisgarhi Panthi Album Song Lyrics from Suva Geet Album “ Kukra Basat Aage ” This song is sung by Champa Nishad Chhattisgarhi Album “Kukra Basat Aage” Released on Oct 24, 2019
Lyrics
स्थायी
तरी हरी ना मोरे नाहानारे सुवाना
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
तरी हरी ना मोरे नाहानारे सुवाना
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
तरी हरी ना मोरे नाहानारे सुवाना
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
अंतरा 1
को मोर लागे सुवा का तोरे लागे वो
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
कोना तोला दुआ दीही कोन तोना साधे वो
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
तरी हरी ना मोरे नाहानारे सुवाना
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
अंतरा 2
सास मोर लागे सुवा ससुर तोरे लागे वो
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
जेठ मोला दुआ दीही जेठानी हा साधे वो
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
तरी हरी ना मोरे नाहानारे सुवाना
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
अंतरा 3
देवर मोरे लागे सुवा देरानी तोरे लागे वो
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
भौजी दुआ दीही मोला ननंद मोला साधे वो
तरी हरी ना मोरे नाहानारे सुवाना
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
हा तरी हरी ना मोरे नाहानारे सुवाना
कुकरा बासत आगे सगा पहूंना
Lyrics | Chhattisgarhi Album Song
| Singers | Champa Nishad |
| Album | Kukra Basat Aage |
