“Kanchan Thari Ma Aarti Sajai Ke” Chhattisgarhi Panthi Album Song Lyrics from panthi Geet Album “Kanchan Thari Ma Aarti Sajai Ke” This song is sung by Sant Pirohila Das Chhattisgarhi Album “Kanchan Thari Ma Aarti Sajai Ke” Released on Dec 1, 2018
Lyrics
स्थायी
कंचन थारी म आरती सजाई के
सुग्घर घीव के दीयना जलाई के
आरती सजावव गुरू तोर
फूल पान नरियर चढ़ाई के
आरती उतारंव बाबा तोर
फूल पान नरियर चढ़ाई के
अंतरा 1
निराकार हे सतगुरू स्वामी
सत हावै परकाश जी
निराकार हे सतगुरू स्वामी
सत हावै परकाश जी
अमरौतिन के लाल कहाए
गुरू मोर घासीदास जी
सुग्घर श्वेत के गदिया लगाई के
गजमोतियन के चौक पुराई के
आरती सजावव गुरू तोर
फूल पान नरियर चढ़ाई के
आरती उतारंव बाबा तोर
फूल पान नरियर चढ़ाई के
अंतरा 2
सात बचन तोरे 42 बानी जिनगी ला हमर संवारे जी
सात बचन तोरे 42 बानी जिनगी ला हमर संवारे जी
संत समाज जुरिया के बाबा तोरे चरण ला पखारे जी
मन हिरदय म तोला लगाई के
तोर नाम के ध्यान लगाई के
आरती सजावव गुरू तोर
फूल पान नरियर चढ़ाई के
आरती उतारंव बाबा तोर
फूल पान नरियर चढ़ाई के
अंतरा 3
दुखिया के तैं दुख ला हरे गुरू काटे विपत अउ बाधा जी
दुखिया के तैं दुख ला हरे गुरू काटे विपत अउ बाधा जी
पा के तोर किरपा ला गुरू जी रंक हो जाथे राजा जी
चौका मंगल आरती ला गाई के संत गुरू के महिमा ला पाई के
आरती सजावव गुरू तोर
फूल पान नरियर चढ़ाई के
आरती उतारंव बाबा तोर
फूल पान नरियर चढ़ाई के
Lyrics | Chhattisgarhi Album Song
| Singers | Sant Pirohila Das |
| Album | Kanchan Thari Ma Aarti Sajai Ke |
