“Ghadi Ke Kata ” Chhattisgarhi Panthi Album Song Lyrics from Suva Geet Album “Ghadi Ke Kata ” This song is sung by Kanchan Joshi Chhattisgarhi Album “Ghadi Ke Kata ” Released on Oct 22, 2022
lyrics
स्थायी
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना वो
तरी हरि ना मोरे नान
घड़ी के काटा
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना वो
तरी हरि ना मोरे नाना
घड़ी के काटा
घड़ी के काटा ठहर जा रे
जा मोर सुवाना शहर जा रे
घड़ी के काटा ठहर जा रे
जा मोर सुवाना शहर जा रे
जा के पता ठिकाना ले के तैं आना
आरो नई मिले धनी के मोर
जा के पता ठिकाना ले के तैं आना
आरो नई मिले धनी के मोर
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना
तरी हरि ना मोरे नाना
अंतरा 1
बच्छर पहा हे कहां मेर धंधा गे
आरो नई मिले धनी के मोर
का मोहनी पा के कहा मेर लुका के
सुध नई लेवै कभु तो मोर
घड़ी के काटा ठहर जा रे
जा मोर सुवाना शहर जा रे
घड़ी के काटा ठहर जा रे
जा मोर सुवाना शहर जा रे
जा के पता ठिकाना ले ले के तैं आना
आरो नई मिले धनी के मोर
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना
तरी हरि ना मोरे नाना
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना
तरी हरि ना मोरे नाना
अंतरा 2
पारा मोहल्ला मोर देवत हे ताना
देवत हे चारी घरो घर मोर
जउहर भईगे दीदी बईरी जमाना
ओखी लगा के उड़ावत हे शोर
ओखी लगा के उड़ावत हे शोर
घड़ी के काटा ठहर जा रे
जा मोर सुवाना शहर जा रे
घड़ी के काटा ठहर जा रे
जा मोर सुवाना शहर जा रे
जा के पता ठिकाना ले ले के तैं आना
आरो नई मिले धनी के मोर
जा के पता ठिकाना ले ले के तैं आना
आरो नई मिले धनी के मोर
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना वो
तरी हरि ना मोरे नाना
घड़ी के काटा
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना वो
तरी हरि ना मोरे नाना
घड़ी के काटा
घड़ी के काटा मोर ठहर जा रे
जा मोर सुवाना शहर जा रे
घड़ी के काटा मोर ठहर जा रे
जा मोर सुवाना शहर जा रे
जा के पता ठिकाना ले के तैं आना
आरो नई मिले धनी के मोर
जा के पता ठिकाना ले के तैं आना
आरो नई मिले धनी के मोर
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना
तरी हरि ना मोरे नाना
तरी हरि नाना मोर नाना सुवाना
तरी हरि ना मोरे नाना
Lyrics | Chhattisgarhi Album Song
| Singers | Kanchan Joshi |
| Album | Ghadi Ke Kata |
