cgfilm.in छत्तीसगढ़ के जननायक और समाजसेवी दाऊ चिंताराम टिकरिहा के जीवन एवं उनके जनसेवा कार्यों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम’ ने भिलाई के होटल सेंट्रल पार्क में 16 अगस्त को इमैजिनेशन फिल्म इंटरनेशनल फेस्टिवल के तीसरे संस्करण में दो महत्वपूर्ण पुरस्कार अपने नाम किए हैं। फिल्म को ‘बेस्ट डॉक्यूमेंट्री – छत्तीसगढ़’ और ‘बेस्ट शॉर्ट फिल्म – छत्तीसगढ़’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वज्र विजन स्टूडियो के बैनर तले निर्मित इस फिल्म का निर्देशन इस अंशु धुरंधर ने किया है।
फिल्म के निर्माण के पीछे करीब 9 वर्षों का शोध और अध्ययन रहा है एवं इसमें कवि मीर अली मीर ने संगीत प्रदान किया है। फिल्म दाऊ चिंताराम टिकरिहा के जीवन, संघर्ष और समाजसेवा को केंद्र में रखती है। उन्होंने आम जनता के हित में सड़क निर्माण, नहरों के मार्ग परिवर्तन, पलायन रोकने, रोजगार की व्यवस्था करने सहित अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए।
‘छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम’ को अब तक 13 देशों में चयन मिल चुका है और देश-विदेश के विभिन्न फिल्म समारोहों में यह फिल्म 40 से अधिक स्थानों पर चयनित हो चुकी है। लगातार मिल रही उपलब्धियों ने फिल्म को छत्तीसगढ़ की जमीनी और प्रेरणादायी कहानियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाली उल्लेखनीय फिल्मों में स्थान दिलाया है। फेस्टिवल की डायरेक्टर सुषमा चवरे, फेस्टिवल क्यूरेटर धीरज चवरे और टेक्निकल हेड सुमेध चवरे के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन मुख्य अतिथि एवं तुलसी सोनी एवं कृपा शंकर शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।

भिलाई इमैजिनेशन इंटरनेशनल फेस्टिवल के एक्सपर्ट निर्देशक मनोज वर्मा और कमेटी एडवाइजर एक्टर डॉ. अजय सहाय हैं। कार्यक्रम में इसके निर्णायक मंडल से एक्टर व डायरेक्टर अखिलेश पांडे, गायक सुनील सोनी, योगेश रोकड़े व जगदीश रोकड़े, दिनेश पांडे, शशि भूषण सोनी, डॉ. आरती पांडे एवं विवेक दुबे उपस्थित थे। इसके साथ ही देश के कई राज्यों से पहुंचे फिल्म निर्माता एवं प्रतिभागी शामिल हुए। फेस्टिवल के तीसरे संस्करण में 51 देशों से 331 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।
इनमें से चयनित लगभग 70 फिल्मों की दो हॉल में स्क्रीनिंग की गई। देश-विदेश से आई फिल्मों ने दर्शकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समारोह में अतिथियों ने फेस्टिवल के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इमैजिनेशन फिल्म इंटरनेशनल फेस्टिवल अपने पिछले संस्करण की तुलना में लगातार बेहतर और अधिक भव्य होता जा रहा है। आयोजन की वर्तमान भव्यता और फिल्मों को मिल रहे मंच को देखते हुए यह अनुमान लगाना कठिन नहीं है कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक सकारात्मक विस्तार हासिल करेगा।
‘छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम’ को मिले दो पुरस्कारों को फिल्म की पूरी टीम ने छत्तीसगढ़ की माटी, यहां के जननायकों और उन अनकही जनसेवा की कहानियों के सम्मान के रूप में माना है, और इस उपलब्धि के लिये आयोजक व निर्णायक मंडल का आभार व्यक्त किया।

