“Sat Ke Khambha Ma Sat Ke Jhanda” Chhattisgarhi Panthi Album Song Lyrics from panthi Geet Album “Sat Ke Khambha Ma Sat Ke Jhanda” This song is sung by Aaru Sahu Chhattisgarhi Album “Sat Ke Khambha Ma Sat Ke Jhanda” Released on Dec 5, 2022
Lyrics
स्थायी
सत के खंभा म सत के झंडा
लहरावत हे लहर गा
सत के खंभा म सत के झंडा
लहरावत हे लहर गा
गुरू नाम के निशान जुग जुग रही अमर गा
बाबा महिमा महान जुग जुग रही अमर गा
श्वेत के खंभा म श्वेत के झंडा
लहरावत हे लहर गा
श्वेत के खंभा म श्वेत के झंडा
लहरावत हे लहर गा
गुरू नाम के निशान जुग जुग रही अमर गा
तोर महिमा महान जुग जुग रही अमर गा
अंतरा 1
दया के सागर गुरू हावस तैं दयालु
तोर कर नई हे कोनो दूसर मयारू
दया के सागर गुरू हावस तैं दयालु
तोर कर नई हे कोनो दूसर मयारू
दुखिया के दुख ला हरे खाली झोली ल भरे
दुखिया के दुख ला हरे खाली झोली ल भरे
ऐ मोर घासी बाबा तैं हर गा
गुरू नाम के निशान जुग जुग रही अमर गा
बाबा महिमा महान जुग जुग रही अमर गा
अंतरा 2
मनखे मनखे ल बताए एक बरोबर
गुरू तोर बानी हे कतका सुंदर
मनखे मनखे ल बताए एक बरोबर
गुरू तोर बानी हे कतका सुंदर
गिरे हपटे अउ भटके मनखे मन ला
गिरे हपटे अउ भटके मनखे मन ला
दिखाए सत के डहर गा
गुरू नाम के निशान जुग जुग रही अमर गा
बाबा महिमा महान जुग जुग रही अमर गा
अंतरा 3
नानकिन लईका महूं आयेंव तोर शरण म
बिगड़ी बनादे मोरो गावव तोर भजन ला
नानकिन लईका महूं आयेंव तोर शरण म
बिगड़ी बनादे मोरो गावव तोर भजन ला
अरजी करत हौं बाबा बिनती करत हौं गुरू
अरजी करत हौं बाबा बिनती करत हौं गुरू
तोरे आशीष हे मोर ऊपर गा
गुरू नाम के निशान जुग जुग रही अमर गा
बाबा महिमा महान जुग जुग रही अमर गा
सत के खंभा म सत के झंडा
लहरावत हे लहर गा
सत के खंभा म सत के झंडा
लहरावत हे लहर गा
गुरू नाम के निशान जुग जुग रही अमर गा
बाबा महिमा महान जुग जुग रही अमर गा
गुरू नाम के निशान जुग जुग रही अमर गा
बाबा महिमा महान जुग जुग रही अमर गा
गुरू नाम के निशान जुग जुग रही अमर गा
बाबा महिमा महान जुग जुग रही अमर गा
Lyrics | Chhattisgarhi Album Song
| Singers | Aaru Sahu |
| Album | Sat Ke Khambha Ma Sat Ke Jhanda |
