“Aarti Utarav Mahangu Ke Lalna” Chhattisgarhi Panthi Album Song Lyrics from panthi Geet Album “Aarti Utarav Mahangu Ke Lalna” This song is sung by Das Manohar, Lata Ghritalhare Chhattisgarhi Album “Aarti Utarav Mahangu Ke Lalna” Released on Dec 11, 2022
Lyrics
बल बुद्धि गुरू मुझमें नही सकल भरोसा तोर
गावत हौं तोर महिमा ला बाबा सुर सजादे मोर
स्थायी
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
श्रद्धा के हीरा भाव के मोती
जलत हे जगमग प्रेम के ज्योति
श्रद्धा के हीरा भाव के मोती
जलत हे जगमग प्रेम के ज्योति
काया के बने हे दीयना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
अंतरा 1
जब तक रइही तन में श्वासा माला जपंव तोर नाम के
जब तक रइही तन में श्वासा माला जपंव तोर नाम के
सत के निशानी दिए तै बाबा सादा झंडा जैतखाम के
सत के निशानी दिए तै बाबा सादा झंडा जैतखाम के
अमृत कस लागे गुरू तोर बानी
तही संवारे हमर जिनगानी
अमृत कस लागे गुरू तोर बानी
तही संवारे हमर जिनगानी
सत के पहिराए गहना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
अंतरा 2
अईसे लागे बाबा तोरे चरण म चारो धाम हे
अईसे लागे बाबा तोरे चरण म चारो धाम हे
अमरौतिन के तैं हा दुलरवा मुख म बसे सतनाम हे
अमरौतिन के तैं हा दुलरवा मुख म बसे सतनाम हे
धन्य होगे गिरौद के माटी
छत्तीसगढ़ीहा के फूलगे छाती
धन्य होगे गिरौद के माटी
छत्तीसगढ़ीहा के फूलगे छाती
बांधे तैं अइसे बंधना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
अंतरा 3
भूला जबो कोनो तोला हमन तैं हा गा झन भूलाबे
भूला जबो कोनो तोला हमन तैं हा गा झन भूलाबे
दुख विपत संकट के बेरा तही ला लाज बचाबे
दुख विपत संकट के बेरा तही ला लाज बचाबे
दास मनोहर तोरे पुजारी
गिरे हावै गा तोर दुवारी
दास मनोहर तोरे पुजारी
गिरे हावै गा तोर दुवारी
गुरू हमर लाज ला रखना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
श्रद्धा के हीरा भाव के मोती
जलत हे जगमग प्रेम के ज्योति
श्रद्धा के हीरा भाव के मोती
जलत हे जगमग प्रेम के ज्योति
काया के बने हे दीयना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
आरती उतारंव तोर हो महंगु के ललना
चरण पखारौ तोर हो गावव तोरे वंदना
Lyrics | Chhattisgarhi Album Song
| Singers | Das Manohar, Lata Ghritalhare |
| Album | Aarti Utarav Mahangu Ke Lalna |
