राजिम कुंभ कल्प

cgfilm.in मुख्य मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां तांडव, पंथी और पंडवानी से लेकर भक्तिमय गीतों तक दिखी कला की त्रिवेणी राजिम कुंभ कल्प मेला के शुभारंभ अवसर पर मुख्य मंच पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में मुंबई की प्रसिद्ध लीला रॉक बैंड ने अपनी शानदार और भक्तिमय प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक गीतों को आधुनिक संगीत के साथ प्रस्तुत करते हुए बैंड ने ऐसा समां बांधा कि पूरा मेला परिसर भक्ति और उल्लास से गूंज उठा।

कार्यक्रम के दौरान जैसे ही मंच से भक्ति संगीत की सुरलहरियां बिखरीं, दर्शक स्वतः ही झूमने और तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। शिव भक्ति, राम नाम और कृष्ण पर आधारित गीतों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। युवा वर्ग के साथ-साथ बुजुर्ग और महिलाएं भी इस संगीतमय प्रस्तुति का आनंद लेते नजर आए।

देवा गणेशा, कौन कहता है भगवान आते नहीं, आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, राम आएंगे और राधा मेरी चंदा जैसे गीतों पर दर्शक भक्ति रस में डूबते नजर आए। उनकी प्रस्तुति ने राजिम कुंभ कल्प मेला के शुभारंभ को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के समापन पर दर्शकों ने कलाकारों का जोरदार तालियों से स्वागत किया। मुख्य मंच पर चिरंजीवी हलधर द्वारा रिकॉर्डिंग गाने पर कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की अगली कड़ी में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार दिनेश जांगड़े ने मंच पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पंथी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी।

उनके हैरतअंगेज करतबों और अनुशासित नृत्य शैली को देखकर दर्शक आनंदित हो उठे। इसके बाद छुरा से आईं प्रसिद्ध पंडवानी गायिका खेमिन बाई निषाद ने महाभारत के 18 पर्वों का ओजपूर्ण शैली में बखान किया। उनकी सशक्त आवाज और भावनात्मक प्रस्तुति के दौरान पूरा पंडाल शांत होकर कथा श्रवण में लीन नजर आया। सभी कलाकारों का सम्मान जिला पंचायत के सीईओ प्रखर चंद्राकर, सहित प्रशासनिक अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंटकर किया। इस दौरान मंच का संचालन निरंजन साहू एवं किशोर निर्मलकर द्वारा किया गया।